फर्जी कंपनी के नाम पर "केजरीवाल" के साढ़ू ने PWD को दिया 10Cr का धोखा

18 Oct 2017 11:10 AM

भारतीय राजनीति में अरविन्द केजरीवाल का उदय भ्रष्टाचार के खिलाफ हमलावर के रूप में हुआ था. साल 2012 में देश के चुनिंदा पॉवरफुल लोगों के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले केजरीवाल के लिए स्थिति बदल गई है. वक्त का पहिया घूम गया है.


इंडिया टुडे को मिले दस्तावेजों से पता चला है कि किस तरह दिल्ली /अरविन्द केजरीवाल सरकार में फर्जी बिलों को आधार बनाकर करोड़ों की हेराफेरी की गई. इस मामले में अरविंद केजरीवाल के साढ़ू सुरेंद्र कुमार बंसल का नाम सामने आया है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं. आरोपों के मुताबिक नियम कानून ताक पर रखकर केजरीवाल के साढ़ू को दिल्ली सरकार ने करोड़ों का ठेका दिया, झूठे बिलों के आधार पर उनको पेमेंट भी कर दिया.


भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले एक संगठन ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ ये नया खुलासा किया है. इस संगठन का नाम है रोड एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन यानी राको. आरटीआई के जरिए राको ने नेशनल हाइवे नंबर 44 के पास दिल्ली के बकोली गांव में नाले की मरम्मत के लिए कराए गए काम का ब्यौरा मांगा था. सवाल था कि ये काम किसे मिला, किस आधार पर मिला और बिलों का भुगतान कैसे हुआ. इस आरटीआई के जवाब में पीडब्ल्यूडी(PWD) ने जो कुछ बताया, वो हैरान करनेवाला था.


फर्जी कंपनी के नाम पर फर्जी बिल 


राको की मानें तो ये ठेका एक ऐसी कंपनी को दिया गया, जो कि महकमे में रजिस्टर ही नहीं है . ये कंपनी केजरीवाल के सगे साढ़ू सुरेंद्र कुमार बंसल की थी. बंसल की कंपनी रेणु कंस्ट्रक्शन ने सोनीपत की महादेव इंपैक्स होल्डिंग नाम की कंपनी से मरम्मत के लिए मैटेरियल खरीदा था. चौंकाने वाली बात ये है कि बंसल की कंपनी ने जिस महादेव इंपैक्स होल्डिंस से मरम्मत का मैटेरियल खरीदा, उस कंपनी का कोई वजूद ही नहीं है. यानी एक फर्जी कंपनी के नाम पर फर्जी बिल पेश किए गए थे .


आरटीआई से मिले इस जवाब और राको के दावे के बाद एक न्यूज़ चैनल  की टीम सोनीपत के उस ठिकाने तक भी पहुंची, जहां महादेव इंपैक्स नाम की कंपनी का पता था, लेकिन वहां ऐसी किसी कंपनी का वजूद नहीं मिला. निर्माण ऐसा हुआ है कि देखकर कोई नहीं कह सकता कि केजरीवाल सरकार ने इस पर दस करोड़ रुपये फूंके हैं. टूटी फूटी नाली का सीमेंट उखड़ रहा है. आए दिन हादसे होते रहते हैं. गांव वाले इससे बहुत परेशान हैं.


केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट जाएगी राको


राको की शिकायत और आरटीआई से मिले जवाब के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस सिलसिले में तीन अलग-अलग एफआईआर(FIR) दर्ज की है. याचिकाकर्ता इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी पार्टी बनाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं.


राको संगठन के लोग और इस मामले में याचिकाकर्ता विप्लव अवस्थी ने केजरीवाल पर कई सवाल उठाए हैं. जैसे की -


भाई-भतीजावाद के विरोधी अरविंद केजरीवाल ने अपने साढ़ू सुनील बंसल को कैसे ठेका दिलवा दिया. सुरेंद्र बंसल की कंपनी के करीब दो करोड़ रुपये के फर्जी बिल पीडब्लूडी ने कैसे पास कर दिए. कैसे पैच वर्क को पीडब्लूडी ने पूरा निर्माण मान लिया. सबसे बड़ा सवाल, इन सभी आरोपों पर अरविंद केजरीवाल खामोश क्यों हैं?


सुनील बंसल के लिए जमीन डील को लेकर कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. कपिल मिश्रा के आरोपों का मुकम्मल जवाब आना अभी बाकी ही है, उससे पहले केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार के इन ताजा आरोपों ने अरविन्द केजरीवाल की मुसीबतें और भी बढ़ा दी हैं.


कपिल मिश्रा ने केजरीवाल के जैसे नाक में दम करके रख दिया है, पिछले 72 घंटों से दिल्ली में 'द कपिल मिश्रा' शो चल रहा है. एक तरफ आप यानी पूरी केजरीवाल एंड कंपनी है, और दूसरी तरफ कपिल मिश्रा. और अब तो वो आरोपों के पुलिंदे के साथ धरने पर ही बैठ गए हैं.


कपिल मिश्रा ने इस धरने की शुरुआत अपने गुरु केजरीवाल को एक चुनौती के साथ की, चुनौती भी ऐसी कि पहले सबूत देने सीबीआई के दफ्तर पहुंचे. और फिर केजरीवाल पर चिट्ठी बम फोड़ दिया. कपिल मिश्रा, केजरीवाल पर जितने गंभीर आरोप लगा सकते हैं, उतने लगा रहे हैं, लेकिन कपिल के सामने केजरीवाल कुछ भी बोलने से कतरा और  डर  रहे हैं.


केजरीवाल की ईमानदार छवि तार-तार


आप (AAP)के बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल समेत आप के नेताओं पर ये तीन बड़े हमले किये हैं. इन हमलों ने दिल्ली में धधकती गर्मी के साथ, दिल्ली की सियासत में उबाल ला दिया है. केजरीवाल की ईमानदार नेता वाली छवि तार-तार कर दी है. और पिछले 72 घंटों में केजरीवाल इतना ही बोल पाए हैं कि कपिल मिश्रा के सारे आरोप झूठे हैं.


बता दें कि शनिवार की रात यानी 7 मई को कपिल मिश्रा को मंत्री पद से हटाया गया, दिल्ली सरकार की तरफ से दलील ये दी गई कि कपिल मिश्रा के जल मंत्री रहते हुए दिल्ली में पानी की काफी दिक्कतें आ रही थी.


कपिल मिश्रा के आरोपों पर केजरीवाल की जुबान से गिने चुने ही लफ्ज़ निकले हैं. कपिल मिश्रा सत्येंद्र जैन को घेरे में लेकर केजरीवाल पर निशाना साध रहे हैं. दूसरी ओर सत्येंद्र जैन ने पलटवार करते हुए कपिल मिश्रा के खिलाफ़ मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही है.